इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने ‘हेरिट-ऐज’ से देशभर में सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया
Rishikesh, 17 April: इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने विश्व विरासत दिवस के अवसर पर ‘हेरिट-ऐज’ सेलिब्रेशन की शुरुआत की है। यह पहल कंपनी के ESG+ फ्रेमवर्क ‘पथ्य’ के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है।
आईएचसीएल के मानव संसाधन कार्यकारी उपाध्यक्ष गौरव पोखरियाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत यहां के लोगों, समुदायों और कुशल शिल्पकारों पर आधारित है, जो पीढ़ियों से इन परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हेरिट-ऐज’ पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त करने और अतिथियों को भारत की सांस्कृतिक आत्मा से जोड़ने का माध्यम है।
यह दो दिवसीय आयोजन (17-18 अप्रैल) देश के विभिन्न आईएचसीएल होटलों में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान मेहमानों को अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
उदयपुर स्थित ताज लेक पैलेस में पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित कुकिंग क्लास, गोवा के ताज एक्सोटिका रिजॉर्ट एंड स्पा में ऐतिहासिक चर्चों की हेरिटेज वॉक और जयपुर के रामबाग पैलेस में सांस्कृतिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा ताज सवाई रणथंभौर में शिल्प कार्यशालाएं और ताज सांताक्रूज में स्थानीय फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।
उत्तराखंड के ताज ऋषिकेश रिजॉर्ट एंड स्पा में योग और वैदिक मंत्रोच्चार के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य अनुभव प्रदान किया जा रहा है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस आयोजन के तहत बच्चों के लिए स्टोरीटेलिंग सेशन, हेरिटेज हॉल पॉप-अप और पारंपरिक कला प्रदर्शनों का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें गुजरात की बंधनी और रोगन कला, राजस्थान की ब्लॉक प्रिंटिंग और तमिलनाडु की तंजौर पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
आईएचसीएल की यह पहल न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Education से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें। Click Here.
