उत्तराखंड के जंगलों की सच्ची कहानियों पर आधारित ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’
Rishikesh, 28 October: गंगा किनारे बसे शांत परमार्थ निकेतन में आज एक अलग तरह का अनावरण हुआ। स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज जी ने हिंदी फीचर फिल्म ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ का पोस्टर जारी किया — एक ऐसी फिल्म, जो उन गुमनाम वनरक्षकों की कहानी कहती है जिन्होंने जंगलों की आग बुझाते हुए अपनी जान दे दी। इस मौके पर फिल्म का गीत ‘राही ओ राही’, पद्मश्री कैलाश खेर की आवाज़ में, पहली बार सुनाया गया।
फिल्म ‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ 2024 के बिन्सर अग्निकांड में शहीद हुए वनकर्मियों और ग्रामीणों से प्रेरित एक एपिसोडिक हिंदी फिल्म है। यह फिल्म एक वन अधिकारी डीएफओ विजय की डायरी पर आधारित है, जिसमें जंगलों की आग, शिकारियों और लकड़ी माफियाओं के खिलाफ संघर्ष की कहानियाँ दर्ज हैं।

फिल्म के तीन प्रमुख चैप्टर हैं—
- टैगोर टॉप की खोज से जुड़ी कहानी,
- लकड़ी माफियाओं से मुठभेड़,
- और उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से जंग।
फिल्म की शूटिंग नैनीताल, भवाली, पंगोट, रामगढ़ और मुक्तेश्वर की वादियों में हुई है। निर्देशन महेष भट्ट ने किया है और निर्माण सज्जू लाल टी.आर. ने किया है। फिल्म का कॉन्सेप्ट बीजू लाल (IFS) का है, जो स्वयं फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
फिल्म के गीत ‘राही ओ राही’ (स्वर: कैलाश खेर) और ‘भागीरथों पुनः उठो’ (स्वर: बीजू लाल IFS) उत्तराखंड की लोकधुनों और पर्यावरण संरक्षण की भावना को व्यक्त करते हैं।
‘डीएफओ डायरी फॉरेस्ट वॉरियर्स’ शीघ्र ही पैन-इंडिया रिलीज के रूप में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदर्शित की जाएगी। यह फिल्म उन गुमनाम वनयोद्धाओं को समर्पित है जो जंगलों और प्रकृति की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं।
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