उत्तराखंड मनोवैज्ञानिक संस्थान द्वारा “मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक सशक्तिकरण” कार्यशाला संपन्न
Dehradun, 28 October: उत्तराखंड मनोवैज्ञानिक संस्थान के तत्वाधान में तीन दिवसीय कार्यशाला “मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक सशक्तिकरण” का सफल समापन हुआ। 26 से 28 अक्टूबर तक चली इस कार्यशाला में शिक्षकों, विद्यार्थियों, परामर्शदाताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि राकेश कुमार (सचिव, मानस पटल) ने कहा कि शिक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य को समान प्राथमिकता देना समय की मांग है। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र ढल्ला ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आत्म-जागरूकता और भावनात्मक संतुलन का विज्ञान है तथा यह कार्यशाला समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में पहल है।
तीन दिनों तक चले सत्रों में इतनाव प्रबंधन, अवसाद निवारण, भावनात्मक सशक्तिकरण और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। ऑनलाइन सत्रों में देश के विभिन्न राज्यों से मनोवैज्ञानिकों और युवाओं ने सहभागिता की। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
डॉ. ढल्ला ने बताया कि संस्थान शीघ्र ही राज्यव्यापी “Mental Health Vision 2030” अभियान प्रारंभ करेगा, जिसके तहत हर जिले में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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