सनातन सांस्कृतिक संघ ने आदर्श सनातन गांवों के निर्माण के लिए ‘टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम’ शुरू किया

अहमदाबाद: सनातन सांस्कृतिक संघ (एसएसएस) ने अपनी चेयरपर्सन हरिप्रिया भार्गव के नेतृत्व में ‘टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम’ (टीवीडीपी) की शुरुआत की है। यह एक समग्र ग्रामीण विकास पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित आदर्श सनातन गांवों का निर्माण करना है।
पारंपरिक ग्रामीण विकास योजनाएं मुख्यतः आधारभूत ढांचे के विकास तक सीमित रहती हैं, जबकि टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम स्वास्थ्य, शिक्षा, प्राकृतिक खेती, उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, पर्यावरण संरक्षण, और संस्कार आधारित शिक्षा सहित 27 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित समग्र विकास मॉडल अपनाता है।
सनातन धर्म के सिद्धांतों पर आधारित यह पहल भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है। इसके साथ ही यह जातिगत एवं सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठकर वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख परंपराओं के संरक्षण एवं समन्वय का भी प्रयास करेगी।
यह कार्यक्रम ‘आशामा’ के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसमें ‘आ’ का अर्थ आर्थिक एवं आध्यात्मिक उन्नति, ‘शा’ का अर्थ शारीरिक सशक्तता तथा ‘मा’ का अर्थ मानसिक संतुलन एवं समग्र विकास है। इन तीनों आधारों के माध्यम से आत्मनिर्भर, सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े और सामाजिक रूप से उत्तरदायी गांव विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए सनातन सांस्कृतिक संघ की चेयरपर्सन हरिप्रिया भार्गव ने कहा, “भारत के गांव हमारी सभ्यता की आधारशिला रहे हैं। हमारा उद्देश्य ऐसे आदर्श सनातन गांव विकसित करना है, जहां आर्थिक आत्मनिर्भरता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों का संतुलित विकास हो। हमारा विश्वास है कि मजबूत गांव ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखते हैं, जो अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ें।”
उन्होंने आगे कहा, टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम और ‘आशामा’ योजना सनातन धर्म के उस दर्शन से प्रेरित हैं, जो मानव, प्रकृति और समाज के बीच संतुलन एवं समरसता पर बल देता है। इन पहलों के माध्यम से हमारा प्रयास भारत की सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करते हुए गांवों को सशक्त बनाना है। हमारा लक्ष्य समृद्ध, संवेदनशील और सांस्कृतिक रूप से जागरूक गांवों का निर्माण करना है, जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के तहत सामुदायिक नेतृत्व को सशक्त बनाने, संस्कार केंद्रों की स्थापना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांवों तक पहुंचाने, नशामुक्त गांवों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाकर ग्रामीण पलायन को कम करने तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम विकास टीमों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही नियमित मार्गदर्शन, कौशल विकास और सामुदायिक भागीदारी को भी कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा।
संघ के अनुसार, टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से प्रेरित है और इसका उद्देश्य सनातन मूल्यों पर आधारित समग्र ग्रामीण विकास का ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसे देशभर में अपनाया जा सके।
सनातन सांस्कृतिक संघ का लक्ष्य टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के माध्यम से आदर्श सनातन गांवों का एक नेटवर्क तैयार करना है, जो ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।

The India Vox

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