उत्तराखंड कांग्रेस विचार विभाग की बैठक में संविधान, लोकतंत्र और जनसरोकारों पर मंथन
- उत्तराखंड कांग्रेस विचार विभाग की वैचारिक बैठक में संगठन की भविष्य की रणनीति, संविधान और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा
Dehradun | June 30, 2026
उत्तराखंड कांग्रेस विचार विभाग (बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ) की ओर से राजीव भवन में “विचार से परिवर्तन – संविधान से राष्ट्र निर्माण” विषय पर वैचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता तथा उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के विचार विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण डागर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर आधारित वैचारिक संवाद की आवश्यकता पहले से अधिक है। उन्होंने कहा कि विचार विभाग की भूमिका केवल संगठनात्मक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में संवैधानिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और तथ्य आधारित सार्वजनिक संवाद को मजबूत करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जोशी ने कहा कि राज्य बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि विचार विभाग का उद्देश्य इन विषयों पर अध्ययन आधारित और समाधान केंद्रित वैचारिक विमर्श को आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए डॉ. प्रेम बहुखंडी ने कहा कि संविधान, लोकतंत्र, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समावेशी विकास जैसे विषयों पर व्यापक जनसंवाद समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बैठक में युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों के साथ निरंतर संवाद बढ़ाने, सोशल मीडिया के माध्यम से वैचारिक अभियान चलाने तथा उत्तराखंड के प्रमुख मुद्दों पर एक व्यापक नीति दस्तावेज तैयार करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में वरिष्ठ शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर नियमित अध्ययन, शोध और नीति आधारित संवाद को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर डॉ. अजय सक्सेना, डॉ. के.आर. जैन, डॉ. डी.एन. भटकोटी, डॉ. प्रतिमा सिंह, जया शुक्ला, अंजू बडोला, मंजू त्रिपाठी, देवेंद्र सिंह, आर.पी. ध्यानी, सुजाता पॉल, अवधेश पंत सहित अनेक शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. परितोष कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

