देहरादून में बिना मान्यता स्कूल संचालन का आरोप: जांच से पहले बोर्ड हटाने का दावा, अभिभावकों में बढ़ी चिंता

DAV Public School पर NAPSR के गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

Dehradun | July 27, 2026

राजधानी देहरादून के सुंदरवाला स्थित रक्षा अनुसंधान विद्यालय (RAV) को लेकर नया विवाद सामने आया है। नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (NAPSR) ने आरोप लगाया है कि DAV Public School ने शिक्षा विभाग की संभावित जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से स्कूल परिसर से अपने नाम के बोर्ड और बैनर हटा दिए हैं। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

NAPSR के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान का दावा है कि सुंदरवाला स्थित रक्षा अनुसंधान विद्यालय का संचालन DAV Public School द्वारा अनुबंध के आधार पर किया जा रहा है, लेकिन संबंधित शाखा को अभी तक आवश्यक मान्यता प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद 22 जून से विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया और अभिभावकों से फीस भी ली जाने लगी।

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“सिर्फ एक शाखा को है मान्यता”

आरिफ खान के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि DAV Public School की केवल डिफेंस कॉलोनी, देहरादून स्थित शाखा को ही मान्यता प्राप्त है, जबकि सुंदरवाला शाखा के लिए अभी तक मान्यता नहीं ली गई है। इस संबंध में उन्होंने 25 जुलाई को मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून को लिखित शिकायत भेजी थी।

उनका कहना है कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जयसवाल ने आश्वासन दिया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

“जांच से पहले हटाए गए बोर्ड”

NAPSR का आरोप है कि शिकायत सार्वजनिक होने और मीडिया में खबर आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से परिसर में लगे DAV Public School के बोर्ड और बैनर हटा दिए। संगठन का सवाल है कि यदि विद्यालय पूरी तरह नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है तो बोर्ड हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

फिर से भेजी गई शिकायत

आरिफ खान ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में साक्ष्यों के साथ एक और शिकायत मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजी गई है। साथ ही, अभिभावकों को कथित रूप से गुमराह करने के आरोपों की जांच के लिए CBSE को भी पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।

अभिभावकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

यदि किसी विद्यालय के संचालन, मान्यता या संबद्धता को लेकर कोई विवाद हो, तो अभिभावकों को प्रवेश लेने या फीस जमा करने से पहले संबंधित शिक्षा विभाग और बोर्ड की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लेनी चाहिए। इससे भविष्य में बच्चों की पढ़ाई और प्रमाणपत्रों से जुड़े संभावित विवादों से बचा जा सकता है।

नोट: यह समाचार NAPSR द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

The India Vox

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Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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