मां नंदादेवी की बड़ी जात यात्रा 5 सितंबर को अपराह्न 3 बजे कैलास को रवाना होगी

चमोली। कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर रौतेला ने बताया कि नंदा की बड़ी जात यात्रा की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को अपराह्न 3 बजे नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से मां नंदा की तीनों डोलियां कैलास के लिए रवाना होंगी। बताया कि इस बड़ी जात को लेकर नंदानगर ब्लाॅक समेत तमाम इलाकों में लोगों में खासा उत्साह व उमंग देखने को मिल रहा है। बताया कि 20 सितंबर को उच्च हिमालय में स्थित होमकुंड में धार्मिक रीति रिवाजों के बीच पूजा अर्चना के बाद चैसिंग्या खाडू की भी कैलास को विदाई होगी। रौतेला ने बताया कि नंदा की बड़ी जात 5 सितंबर को कुरूड़ से रवाना होकर विभिन्न पड़ावों को होते हुए 12 सितंबर को रामणी पहुंचेगी। रामणी में विभिन्न देव ड़ोलियों और छतोलियों का मिलन होगा। इसके बाद बड़ी जात यात्रा आला, सितेल तथा कनोंल होते हुए आगे के पड़ावों को निकलेगी। 15 सितंबर को वाण के लाटू मंदिर में प्रवास होगा। वाण से गैरोली पाताल होते हुए 18 सितंबर को मां नंदा की उत्सव डोली वेदनी बुग्याल पहुंचेगी। इस अवसर पर सप्तमी की पूजा होगी। 19 को जात बगुवावासा, पातरनचैणिंया, कैलवा विनायक, रूपकुंड तथा ज्यूंरागलि होते हुए शिलासमुद्र पहुंचेगी। 20 को होमकुंड में मां नंदा की पूजा अर्चना के पश्चात चैसिंग्या खाडू की विदाई होगी। इस कार्यक्रम के पश्चात नंदा भक्त जामुनडाली में रात्रि प्रवास करेंगे। 30 को मां नंदा की उत्सव डोली सुतोल, पेरी, सितेल, गुलाड़ी, नांरगी, फरखेत होते हुए कुरूड़ मंदिर पहुंचेगी। इसके साथ ही बड़ी जात यात्रा का समापन भी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ी जात के लिए विभिन्न पड़ावों पर समितियों का गठन कर दिया गया है। दुर्गम तथा निर्जन पड़ावों पर सुरक्षा का दायित्व पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीमें सभालेंगी।

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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