यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में बुधवार देर रात स्लीपर एसी बस में अचानक आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर अपनी जान बचाई।
ग्रेटर नोएडा | 24 सितंबर, 2026
यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर के पास बुधवार देर रात एक स्लीपर एसी बस भीषण आग की चपेट में आ गई। हादसा करीब रात 11:30 बजे हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में आठ पुरुषों और एक महिला समेत नौ यात्रियों की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद कई यात्रियों ने बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
आग लगने से पहले आई थी जलने की गंध
हादसे की जांच में सामने आई एफआईआर के अनुसार, बस में आग लगने से कुछ समय पहले यात्रियों को जलने जैसी गंध महसूस हुई थी। शिकायतकर्ता यात्री ने पुलिस को बताया कि यात्रियों ने ड्राइवर और परिचालक को इसकी जानकारी दी और बस रोकने की बात कही।
एफआईआर में ड्राइवर और परिचालक के बस के केबिन में धूम्रपान करने का आरोप भी लगाया गया है। यात्रियों के अनुसार, चेतावनी के कुछ समय बाद बस में आग फैल गई। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और इन्हें फिलहाल एफआईआर में दर्ज शिकायत के तौर पर ही देखा जा रहा है।
खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले यात्री
आग तेजी से फैलने के बाद बस के अंदर धुआं भर गया। इससे यात्रियों को बाहर निकलने में मुश्किल हुई। कई यात्रियों ने आपात स्थिति में खिड़कियों के शीशे तोड़े और बस से बाहर निकल गए।
सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, नौ यात्रियों की जान नहीं बचाई जा सकी।
AC सिस्टम में स्पार्क की शुरुआती आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में बस के एसी सिस्टम में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद आग फैलने की आशंका जताई गई है। बताया गया है कि आग इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल तक पहुंचने के बाद तेजी से फैली। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा।
बस के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे के बाद बस के संचालन और उसके पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, बस के खिलाफ पहले 19 चालान दर्ज हो चुके थे और करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना बताया गया है।
बस को राज कल्पना ट्रैवल्स से जुड़ा बताया जा रहा है। हादसे के मामले में चालक और परिचालक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब आग लगने की वजह, बस में उपलब्ध सुरक्षा इंतजाम और हादसे के दौरान चालक-परिचालक की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस
आग में बस का बड़ा हिस्सा बुरी तरह जल गया। इसके चलते मृतकों की पहचान में भी परेशानी आ रही है। पुलिस और संबंधित अधिकारी शवों की पहचान तथा उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की स्लीपर बसों में अग्नि सुरक्षा, आपातकाल
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