जनहित में चेतावनी: Fake hallmarked jewellery से रहें सावधान!

चमोली में फर्जी हॉलमार्क गिरोह (Fake hallmarked jewellery) का भंडाफोड़, नकली ज्वैलरी से लोगों को बना रहे थे शिकार

चमोली में Fake hallmarked jewellery से ठगी, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

Chamoli, 22 March: उत्तराखंड के चमोली में सामने आए फर्जी हॉलमार्क ज्वैलरी (Fake hallmarked jewellery) गिरोह ने आम लोगों के लिए बड़ा खतरा उजागर कर दिया है। ठग असली सोने की जगह नकली गहने देकर उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को धोखा दे रहे हैं। ऐसे में सोना खरीदते या गिरवी रखते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि आप भी इस तरह की ठगी का शिकार न बनें।

उत्तराखंड के चमोली में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हॉलमार्किंग मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता लवली रावत ने ज्योतिर्मठ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में उन्होंने अपनी नथ और झुमके करीब ₹40,000 में गिरवी रखे थे। बाद में पैसे चुकाने के बाद जब उन्होंने ज्वैलरी वापस ली, तो जांच में वह नकली निकली, जिस पर फर्जी हॉलमार्क लगाया गया था।

चमोली में Fake hallmarked jewellery फ्रॉड, 2 आरोपी गिरफ्तार
चमोली में Fake hallmarked jewellery फ्रॉड, 2 आरोपी गिरफ्तार

असली सोना बदलकर दे रहे थे नकली गहने

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने असली सोने के आभूषण बदलकर नकली ज्वैलरी दे दी और उस पर नकली हॉलमार्क लगाकर ग्राहकों को धोखा दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर कर्णप्रयाग से दूसरे आरोपी पंकज कुमार प्रभु को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी हॉलमार्किंग का काम करता था।

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹2.5 लाख की लेजर हॉलमार्किंग मशीन, कंप्यूटर सिस्टम (CPU, मॉनिटर और केबल्स) और नकली ज्वैलरी बरामद की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले से दर्ज धाराओं के साथ-साथ अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338 और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 की धारा 29 भी जोड़ दी हैं।

इसके अलावा, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से जुड़ी हॉलमार्किंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब जिले के सभी हॉलमार्क केंद्रों का सत्यापन करेगी। साथ ही, जब्त मशीन और उपकरणों की खरीद के स्रोतों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को उच्च अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया है। गढ़वाल रेंज के आईजी ने टीम को ₹5,000 का इनाम देने की घोषणा की है।

यह मामला न केवल आम लोगों के लिए चेतावनी है, बल्कि ज्वैलरी बाजार में सतर्कता की आवश्यकता को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क की सही जांच करना बेहद जरूरी है।

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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