जल जीवन मिशन पर संकट: ठेकेदारों के 1200 करोड़ बकाया!

जल जीवन मिशन पर संकट: ठेकेदारों के 1200 करोड़ बकाया!

जल जीवन मिशन पर संकट: ठेकेदारों के 1200 करोड़ बकाया!

देवभूमि जल शक्ति कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

Dehradun, 04 November: देवभूमि जल शक्ति कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्यभर में किए गए कार्यों के लगभग ₹1200 करोड़ बकाया भुगतान को लेकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर भुगतान जारी नहीं किया गया, तो वे सभी कार्य बंद (Work Stop) करने के साथ ही विभागीय मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

देहरादून स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मित्तल, महासचिव सुनील गुप्ता सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि उत्तराखंड में “हर घर जल, हर घर नल” योजना के लक्ष्यों को पूरा करने में राज्य के ठेकेदारों ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। लगभग 70% कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष योजनाओं में से कई 95–98% तक पूर्ण की जा चुकी हैं।

फिर भी, केंद्र और राज्य स्तर पर फंड रिलीज रोके जाने से ठेकेदारों को अनुचित रूप से दोषी ठहराया जा रहा है। ठेकेदारों ने बताया कि

📌 यह भी पढ़ें: देश की प्रमुख खबरें
  • रखरखाव अवधि समाप्त होने के बावजूद सिक्योरिटी राशि जारी नहीं की जा रही,
  • मापन कार्य (Measurement) रोके जाने से बिलिंग प्रक्रिया ठप है,
  • और विभाग की कई शाखाएँ अनुबंध रद्द करने और काली सूची में डालने की धमकी दे रही हैं।

अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा,

“हमने प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जल जीवन मिशन’ को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन अब ठेकेदार आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। अगर भुगतान नहीं हुआ, तो पानी की सप्लाई रोकने और धरना देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”

एसोसिएशन ने अपनी चार प्रमुख मांगें रखीं —

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करें।
  2. सभी लंबित भुगतान, बिलिंग और सिक्योरिटी रिलीज एक सप्ताह में की जाए।
  3. थर्ड पार्टी टेस्टिंग में अटकी धनराशि तत्काल जारी की जाए।
  4. ठेकेदारों पर कार्य जारी रखने का अनुचित दबाव बंद किया जाए।

उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी से न केवल विकास कार्य ठप होंगे, बल्कि जल आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है, जिससे राज्य की छवि को नुकसान पहुँचेगा।

प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारी अंकित सालार, सौरव गोयल, गौरव गोयल, मुकुंद उपाध्याय, यशपाल चौहान, सकलानंद लखेड़ा, जे.पी. अग्रवाल, महेश कुमार, इंतजार त्यागी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

 

Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

Education से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

The India Vox

The India Vox Editorial Team उत्तराखंड, राष्ट्रीय, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष समाचार प्रकाशित करता है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Next Post

समावेशी विकास की दिशा में ग्रीन टेक्नोलॉजी होगी अहम आधार

मंगल नवम्बर 4 , 2025
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने रखे विचार Dehradun, 04 November: उत्तरांचल विश्वविद्यालय के उत्तरांचल प्रबंधन संस्थान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ग्रीन टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबिलिटी: फाइनेंशियल इन्क्लूसिविटी, इनोवेशन एंड चैलेंजेज इन सोसाइटी 6.0” में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने ग्रीन टेक्नोलॉजी को समावेशी और सतत विकास का […]
समावेशी विकास की दिशा में ग्रीन टेक्नोलॉजी होगी अहम आधार

You May Like

Breaking News

Chief Editor

Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

Share