धामी सरकार के 5 साल: ₹219 करोड़ की 51 विकास परियोजनाओं की सौगात, सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ
- ऋषिकेश से सरकार ने गिनाईं पांच साल की उपलब्धियां, 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का दोहराया संकल्प
Dehradun\Rishikesh | July 04, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार को ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल ग्राउंड में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत वाली 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सरकार ने पांच वर्षों की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा और आगामी वर्षों के विकास का रोडमैप भी साझा किया।
एक नजर में: 51 विकास परियोजनाओं की सौगात
- कुल परियोजनाएं: 51
- कुल लागत: ₹219.29 करोड़
- शिलान्यास: 38 योजनाएं (₹172.78 करोड़)
- लोकार्पण: 13 योजनाएं (₹46.50 करोड़)
शिलान्यास की प्रमुख परियोजनाएं
- सड़क एवं संपर्क मार्ग: सहसपुर, मसूरी, डोईवाला, रायपुर और देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग टाइल्स, आंतरिक मार्गों के निर्माण एवं सुधारीकरण के कार्य।
- दो नए पुल: मसूरी विधानसभा क्षेत्र के न्यू कैंट रोड (सालावाला) में 20 मीटर आरसीसी गर्डर सेतु और 30 मीटर स्पान के दो-लेन पीएससी गर्डर सेतु का निर्माण।
- आपदा प्रभावित सड़कें: रायपुर क्षेत्र में 20 किलोमीटर मुख्य एवं आंतरिक मार्गों का नालियों सहित पुनर्निर्माण।
- आसन नदी परियोजना: हरभजवाला में आसन नदी की सफाई एवं दोनों ओर पुश्ता निर्माण (द्वितीय चरण)।
- सौंग नदी चैनलाइजेशन: रायपुर के गुर्जर बस्ती से ओएसिस स्कूल तक चैनलाइजेशन कार्य।
- बाढ़ सुरक्षा योजनाएं: सुसवा, दुल्हनी, नून और टौंस नदी सहित विभिन्न क्षेत्रों में तटबंध एवं बाढ़ सुरक्षा कार्य।
- सिंचाई परियोजनाएं: चकराता, विकासनगर और डोईवाला में पाइप नहर, नहरों के जीर्णोद्धार, माइनरों के पुनरोद्धार एवं जल वितरण प्रणाली का विस्तार।
- रिंग रोड विकास: नत्थनपुर से राजेश्वरीपुरम तक पुरानी गूल का पुनर्निर्माण, भूमिगत निर्माण एवं मार्ग चौड़ीकरण।
- कालंगा गंगा नहर: रायपुर विकासखंड में खुली नहर पर कवरिंग एवं कांवली नहर के आधुनिकीकरण का कार्य।
- अमृत सरोवर विकास: डोईवाला के खदरी खड़कमाफ स्थित अमृत सरोवर को पर्यटन एवं वॉटर स्पोर्ट्स के लिए विकसित किया जाएगा।
- पीएमयू कार्यालय भवन: उत्तराखंड औद्यानिक एकीकृत विकास सोसायटी के कार्यालय भवन का निर्माण।
- शिक्षा: राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर का पुनर्निर्माण।
- गौ संरक्षण: डोईवाला के माजरी और रायपुर के भोपालपानी में निराश्रित गौवंश के लिए गौशाला एवं शरणालय का निर्माण।
- एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना: मसूरी डायवर्जन चौक से लाइब्रेरी चौक तक एलईडी स्ट्रीट लाइट एवं पोल लगाए जाएंगे।
- आईएसबीटी देहरादून: बस अड्डे के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं उच्चीकरण का कार्य।
- पर्यटन विकास: मसूरी के झड़ीपानी ट्रैक का लैंडस्केपिंग एवं सौंदर्यीकरण।
लोकार्पित प्रमुख परियोजनाएं
- रायपुर: राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से कुंड घराट तक संपर्क मार्ग का निर्माण।
- डोईवाला: रानीपोखरी वार्ड-5 एवं आसपास के क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग टाइल्स से आंतरिक मार्गों का निर्माण।
- डोईवाला: हरिद्वार मुख्य मार्ग स्थित वैष्णो माता मंदिर से गढ़वाल बिस्कुट फैक्ट्री गेट नंबर-2 तथा चौदमारी क्षेत्र के आंतरिक मार्गों का निर्माण।
- डोईवाला: बड़े पशुओं के लिए स्टेट ऑफ द आर्ट पशु चिकित्सालय का निर्माण।
- सुद्धोवाला कारागार: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का निर्माण।
- रायपुर: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, अजबपुरकलां के नए भवन का निर्माण।
- डोईवाला: मियांवाला नहर कमांड क्षेत्र में 3.50 किमी पक्की गूलों का निर्माण।
- डोईवाला: 5.20 किमी लंबे धारकोट–लड़वाकोट मोटर मार्ग का अपग्रेडेशन।
- हरिपुर (कालसी): स्नान घाट का निर्माण।
- मसूरी विधानसभा: रिस्पना नदी किनारे बालासुंदरी कैनाल रोड के पास पार्क का विकास।
- रायपुर: मियांवाला पंचायत घर के समीप पार्क निर्माण एवं लैंडस्केपिंग।
- रायपुर: मियांवाला स्थित जोहड़ी पार्क का सौंदर्यीकरण।
- रायपुर: गौरादेवी पार्क एवं कृत्रिम झील का सौंदर्यीकरण।
नोट: इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, शिक्षा, पशुपालन, पर्यटन, शहरी विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक स्थिरता का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिनकी चर्चा पूरे देश में हुई। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और प्रभावी भू-कानून जैसे फैसलों ने राज्य की अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं ने उत्तराखंड को विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। साथ ही उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पांच साल पहले उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला था और तब से सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनसेवा और सुशासन रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवसर जश्न मनाने का नहीं, बल्कि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का आत्ममूल्यांकन करने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, होमस्टे योजना और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिए जा रहे हैं।
महिलाओं के सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा और लखपति दीदी योजना के जरिए बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 2.65 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी योजना से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत मिले निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। वहीं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा का उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं को हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए अधिकारियों को गांव-गांव और वार्ड स्तर तक जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, धन सिंह रावत समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

