Red Alert के बीच सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और सपेरा बस्ती का किया निरीक्षण, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
Dehradun | July 09, 2026
Red Alert और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान गुरुवार को स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को हर स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए।
चार स्थानों पर बंद सहस्रधारा-सरोना मार्ग, दोनों ओर से जेसीबी लगाकर खोलने के आदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग पहुंचे, जहां भारी बारिश और मलबा आने से सड़क चार अलग-अलग स्थानों पर बंद मिली। पीएमजीएसवाई अधिकारियों ने बताया कि पिछली आपदा में यह मार्ग 11 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था। फिलहाल इसे अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य न होने के कारण बारिश के दौरान बार-बार मार्ग बाधित हो जाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने दोनों ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर तत्काल मलबा हटाने और मार्ग को जल्द यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग के स्थायी ट्रीटमेंट और प्रोटेक्शन कार्यों के लिए शासन स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कार्लीगढ़ में नदी पार रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
कार्लीगढ़ के निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने बताया कि पिछली आपदा के बाद मलबा हटाने, समतलीकरण और नदी चैनलाइजेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है। हालांकि नदी के दूसरी ओर रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन को सभी परिवारों के लिए पर्याप्त राशन, पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सभी परिवारों के मोबाइल नंबर जिला कंट्रोल रूम से जोड़ने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सूचना देकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
सपेरा बस्ती में सुरक्षात्मक कार्य तेज करने के निर्देश
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने नगर निगम को नाले के ट्रीटमेंट, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और अन्य सुरक्षात्मक कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
साथ ही जिन मकानों को असुरक्षित माना गया है, वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और बारिश के दौरान प्रभावी अलर्ट सिस्टम सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए।
25.75 मिमी बारिश दर्ज, कई सड़कें अब भी प्रभावित
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 9 जुलाई को देहरादून जिले में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है, जबकि गंगा और टोंस नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।
भूस्खलन और मलबा आने के कारण हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानू-मीनास राज्य मार्ग तीन स्थानों पर बाधित है, जिसे प्रशासन ने शाम तक खोलने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा जिले के 14 ग्रामीण मार्ग भी प्रभावित हैं, जिन्हें सुचारू करने का कार्य तेजी से जारी है।







