सगर गांव से चार किलोमीटर आगे हुआ हादसा, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और खड़ी ढलान के बीच SDRF जवानों ने घायल को स्ट्रेचर से पहुंचाया सड़क तक।
चमोली। 27 सितंबर, 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले में रुद्रनाथ ट्रैक पर एक ट्रैकर के गहरी खाई में गिरने से हड़कंप मच गया। सगर गांव से लगभग चार किलोमीटर आगे हुए इस हादसे में 36 वर्षीय ट्रैकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में फंस गया। सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल को सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही रेस्क्यू के लिए रवाना हुई SDRF टीम
घटना की सूचना जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (DCR), चमोली के माध्यम से SDRF पोस्ट गौचर को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक मनोहर कन्याल के नेतृत्व में SDRF की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
रुद्रनाथ ट्रैक का दुर्गम पहाड़ी रास्ता और खड़ी ढलान रेस्क्यू अभियान में बड़ी चुनौती बनकर सामने आए। इसके बावजूद SDRF के जवान पैदल आगे बढ़ते हुए घटनास्थल तक पहुंचे और तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
150 मीटर गहरी खाई में उतरकर बचाई जान
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद SDRF टीम ने स्थिति का आकलन किया और घायल तक पहुंचने के लिए खाई में उतरने का निर्णय लिया। लगभग 150 मीटर गहरी खाई में उतरकर जवानों ने घायल ट्रैकर तक पहुंच बनाई।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच टीम ने आवश्यक रेस्क्यू तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद घायल को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके बाद घायल को स्ट्रेचर पर लिटाकर दुर्गम पहाड़ी रास्ते से रोड हेड तक पहुंचाया गया। वहां से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मद्रास का रहने वाला है घायल ट्रैकर
घायल व्यक्ति की पहचान अशोक (36 वर्ष), पुत्र श्रीकांत, निवासी मद्रास के रूप में हुई है। रेस्क्यू के बाद घायल को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घायल की चिकित्सकीय स्थिति और हादसे के सटीक कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
पहाड़ी ट्रैकिंग के दौरान सावधानी जरूरी
रुद्रनाथ जैसे दुर्गम पहाड़ी ट्रैक पर खड़ी ढलान, संकरे रास्ते और बदलती मौसम परिस्थितियां ट्रैकर्स के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में ट्रैकिंग के दौरान निर्धारित मार्ग का पालन करना, उपयुक्त जूते पहनना और जोखिम भरे स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ों में छोटी-सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपदा राहत एजेंसियों को सूचना देना महत्वपूर्ण है।
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