मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, डीपीआर निरस्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी
Dehradun, 09 May: अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ने चंद्रमणि श्मशान भूमि पर प्रस्तावित पेयजल योजना का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। महासभा ने योजना की डीपीआर तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
महासभा के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रस्तावित पानी का ट्यूबवेल और टैंक श्मशान घाट की भूमि पर बनाए जाने की योजना है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में मरघट के रूप में दर्ज है और मृत शरीरों से जुड़ी होने के कारण वहां का पानी जनमानस के लिए शुद्ध नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह योजना हिंदू संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और जनभावनाओं के विरुद्ध है। महासभा ने आरोप लगाया कि सरकार को हठधर्मिता दिखाकर जनता के धन का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए और लोगों के स्वास्थ्य व भावनाओं के साथ खिलवाड़ से बचना चाहिए।
महासभा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही योजना की डीपीआर निरस्त नहीं की गई तो संगठन और स्थानीय जनमानस आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में लालचंद शर्मा, मुकुल शर्मा, सीताराम नौटियाल, मनोज शर्मा, पियूष गौड़, विजेंद्र प्रसाद ममगई, रजनी रमेश मांगू, सुभाष धस्माना, सतीश शर्मा, संजय और अशोक मिश्रा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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