टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र में 18 वर्षीय केतन लाल की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बाद की जांच में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप को लेकर भी POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
Dehradun | 10 June, 2026
टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र के देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश की स्थिति बनी थी। शुरुआत में सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रेम संबंध को लेकर विवाद के बाद केतन और उसके दोस्त के साथ मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल केतन की बाद में मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने केतन के परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले में किशोरी के पिता और दादा समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की।
रात में बुलाने के बाद मारपीट का आरोप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना 7 जून 2026 की रात की है। केतन को फोन कर दूसरे गांव में बुलाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद केतन और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के साथ मारपीट की गई। दोनों गंभीर रूप से घायल मिले थे।
केतन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। उसका दोस्त दिवाकर गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हत्या के मामले में चार गिरफ्तारियां
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले किशोरी के पिता और दादा को गिरफ्तार किया। इसके बाद दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई। 11 जून की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई थी।
पुलिस ने हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। हालांकि, घटना के दौरान हुई मारपीट और अन्य आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
जांच में आया नया मोड़
मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद जुलाई 2026 में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश, नाबालिग की मां की तहरीर और मेडिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केतन लाल और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया। रिपोर्ट में मेडिकल जांच के आधार पर नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि की बात कही गई है।
इस घटनाक्रम के बाद मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं रहा और पुलिस जांच में दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों को भी शामिल किया गया। ऐसे मामलों में आरोप और जांच के निष्कर्ष को अलग-अलग देखना जरूरी है। अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
केतन लाल की मौत के बाद परिवार और स्थानीय स्तर पर न्याय की मांग उठी। विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रतिनिधियों ने भी मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
यह मामला प्रेम संबंध, सामाजिक तनाव, जातीय आरोपों और कानून को अपने हाथ में लेने जैसे कई गंभीर सवालों को सामने लाता है। लेकिन इन सवालों के जवाब भावनात्मक निष्कर्षों से नहीं, बल्कि पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएंगे।
18 वर्ष की उम्र में एक युवक की मौत ने उसके परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। अब इस मामले में आगे की जांच और अदालत की प्रक्रिया यह तय करेगी कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और विभिन्न आरोपों में किसकी क्या भूमिका थी।
नोट: इस खबर में आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों को संबंधित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। किसी भी व्यक्ति को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
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