देहरादून में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ मिशन के तहत आयोजित भ्रमण कार्यक्रम में कैडेटों ने जाना खलंगा युद्ध का गौरवशाली इतिहास
Dehradun | June 19, 2026
एनसीसी डायरेक्टरेट 11 उत्तराखंड बटालियन के तत्वावधान में शुक्रवार को 200 एनसीसी कैडेटों ने खलंगा स्थित सागरताल से खलंगा वॉर मेमोरियल तक ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक भ्रमण किया। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ मिशन के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा कैडेटों को देश के गौरवशाली सैन्य इतिहास और विरासत से परिचित कराना था।
दल का नेतृत्व सूबेदार मेजर जियालाल, सूबेदार मेजर कमलेश्वर रावत, नायब सूबेदार पंकज थापा, नायब सूबेदार जावेद अली, हवलदार महेश, हवलदार हरीश सिंह कंवर (ESM), हवलदार धीरज छेत्री (ESM), एएनओ दीप्ति और गौरव भट्ट ने किया।
खलंगा पहुंचने पर बलभद्र विकास समिति के अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा (सेवानिवृत्त) के मार्गदर्शन में समिति के सदस्यों ने कैडेटों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में 11 उत्तराखंड बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रविंद्र रावत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कर्नल विक्रम सिंह थापा ने कैडेटों को सागरताल और खलंगा वॉर मेमोरियल के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध एंग्लो-गोरखा युद्ध, खलंगा किले की रणनीतिक भूमिका, युद्ध की परिस्थितियां, संधियों और ऐतिहासिक तथ्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इसके बाद कैडेटों ने पैदल मार्च करते हुए खलंगा वॉर मेमोरियल का भ्रमण किया और 216 वर्ष पूर्व हुए ऐतिहासिक युद्ध की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कैडेटों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर उत्तर दिया गया।
अपने संबोधन में कर्नल रविंद्र रावत ने कहा कि एनसीसी के ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश के वीर सैनिकों के बलिदान और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए बलभद्र विकास समिति का आभार व्यक्त करते हुए समिति द्वारा किए जा रहे संरक्षण और जागरूकता कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन स्मृति चिन्हों के आदान-प्रदान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रेरक संदेशों के साथ हुआ।
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