पशुलोक बैराज चैनल में मिला शवों का सुराग, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के युवकों की हुई पहचान
Rishikesh | June 19, 2026
गंगा नदी में डूबे लोगों की तलाश में जुटी राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम को बड़ी सफलता मिली है। लगातार चलाए जा रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान SDRF ने पशुलोक बैराज के चैनल से तीन शव बरामद किए हैं। तीनों शव उन व्यक्तियों के बताए जा रहे हैं जो अलग-अलग घटनाओं में गंगा नदी में डूबकर लापता हो गए थे।
SDRF टीम द्वारा घटनास्थलों से लेकर संभावित स्थानों तक विशेषज्ञ डीप डाइवर्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान शुक्रवार को पशुलोक बैराज चैनल में तीन शव दिखाई दिए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैराज की चैन मशीन की सहायता से अत्यंत सावधानी के साथ शवों को बाहर निकाला।
इसके बाद परिजनों को मौके पर बुलाकर शवों की शिनाख्त कराई गई। पहचान होने के बाद शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
शिनाख्त के अनुसार पहला शव शैलेंद्र महावर (30 वर्ष), निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश का है, जो लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के फूलचट्टी के पास गंगा नदी में डूब गए थे।
दूसरे शव की पहचान शौर्य नागर (20 वर्ष), निवासी बिसरख जलालपुर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के तपोवन स्थित साईं घाट पर गंगा नदी में डूब गए थे।
तीसरे शव की पहचान मनीष आर्य, निवासी जय विहार, नांगली, उत्तम नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। वह चंद्रेश्वर घाट पर डूबे दंपति में से लापता थे और उनकी तलाश की जा रही थी।
स्थानीय पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच SDRF ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। प्रतिबंधित या असुरक्षित स्थानों पर नदी में उतरने से बचें, क्योंकि गंगा का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
SDRF ने कहा कि नदी में प्रवेश करने से पहले प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा बच्चों पर विशेष नजर रखें। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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