रोमांचक फाइनल में सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को पेनल्टी शूटआउट में 9-8 से दी मात, 12 विद्यालयों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा
देहरादून | 03 सितंबर, 2026
इंडियन पब्लिक स्कूल (IPS), राजावाला के फुटबॉल मैदान में आयोजित 8वीं श्री एस.पी. सिन्हा मेमोरियल फुटबॉल चैंपियनशिप-2026 का खिताब पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय IMA ने अपने नाम कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में केंद्रीय विद्यालय IMA ने सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को पेनल्टी शूटआउट में 9-8 से हराकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी पर कब्जा किया।
समापन समारोह में सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के हेडमास्टर डॉ. दिलीप कुमार पांडा और इंडियन पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल पीयूष वैष्णव ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
खिलाड़ियों को मिले व्यक्तिगत पुरस्कार
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न व्यक्तिगत पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।
- सर्वाधिक गोल: अश्विन डी.एस. लामारे — सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल
- सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर: युवराज सिंह — सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल
- सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: नयन पंवार — पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय IMA
- फेयर प्ले अवॉर्ड: दून वैली इंटरनेशनल स्कूल
12 विद्यालयों ने किया प्रतिभाग
प्रतियोगिता का आयोजन इंडियन पब्लिक स्कूल, राजावाला की ओर से किया गया। चैंपियनशिप में 12 विद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें दून ग्लोबल स्कूल, न्यू एरा एकेडमी, बलूनी पब्लिक स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल, सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल, द टोंस ब्रिज स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल बीरपुर, केवी IMA, दून वैली इंटरनेशनल स्कूल, ब्रिस्टॉल स्कूल, तुलास इंटरनेशनल स्कूल और केवी ONGC शामिल रहे।
डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में हुआ आयोजन
चैंपियनशिप के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिए डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को टेक्निकल डायरेक्टर एवं चीफ रेफरी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहीं विमल सिंह रावत ने मैच कमिश्नर की भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों का संचालन अनुभवी रेफरियों रणबीर सिंह गुसाईं, वरुण चौहान, उत्कर्ष ज्ञानशुख, अमित कांत टमटा और राहुल कैंतुरा ने किया।
27 वर्षों से फुटबॉल के विकास में योगदान
समापन समारोह में डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को 27 वर्षों से फुटबॉल और खेलों के विकास में निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आईपीएस के प्रिंसिपल पीयूष वैष्णव ने डॉ. रावत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के प्रति उनका समर्पण उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि 57 वर्ष की उम्र में भी डॉ. रावत की फिटनेस और खेलों के प्रति ऊर्जा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को खेलों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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